शारीरिक शिक्षा की बदहाली - जिम्मेदार कौन?

Posted on Oct 14, 2017 by Administrator

शारीरिक शिक्षा की बदहाली - जिम्मेदार कौन?

जैसा की हम सभी जानते है की दिल्ली सरकार के द्वारा दिनांक 7 अगस्त को TGT और PGT के  1000 से ज्यादा पदों का प्रकाशन किया गया था, जिसमे TGT और PGT दोनों ही पदों के लिए शारीरिक शिक्षा के शिक्षकों के लिए उम्र की सीमा 30 वर्ष निर्धारित की गयी थी, जबकि अन्य विषयों में TGT के लिए 32 साल और PGT के लिए 36 साल की आयु निर्धारित की गयी थी. शारीरिक शिक्षा के साथ हुए इस अन्याय के खिलाफ पूरे देश और दिल्ली एनसीआर के शारीरिक शिक्षा और खेलकूद से जुड़े हुए लोग एक साथ आये और उन्होंने इस अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की.

फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया (पेफी) ने इस मुहीम को आगे बढाया और हर संभावित स्तर पर सरकार से बात की, उनको ज्ञापन दिया I पूरे दिल्ली एनसीआर से सेकड़ो की संख्या में शारीरिक शिक्षकों ने पेफी के पदाधिकारियों से बात की और अपना हर संभव सहयोग का भरोसा दिया I पेफी के पदाधिकारी डॉ. शरद कुमार शर्मा जी ने इस मुहीम को आगे बढाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया. इसी तारतम्य में पेफी के पदाधिकारियों ने उप राज्यपाल ऑफिस में अधिकारियों से मुलाक़ात की जिसमे यह बात निकल कर सामने आई की यदि शारीरिक शिक्षा विषय की उम्र अन्य विषय के बराबर करनी है तो दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में बात करनी पड़ेगी और इस विषय के भर्ती नियम में बदलाव लाना होगा, जो की दिल्ली सरकार के अधीन है.

दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) ने दिनांक 11/10/2017 (COPY ENCLOSED) को दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग को लिखे हुए पत्र में इस मुद्दे को आगे कार्यवाही करने के लिए प्रेषित किया है.

लेकिन यहाँ पर मुझे यह जानकारी हैरानी हुई की जिस मुद्दे ने पूरे शारीरिक शिक्षा जगत को हिला दिया था, उस विषय पर पूरे देश और दिल्ली एनसीआर से कुल 13 ज्ञापन ही DSSSB में आये, विचारणीय प्रश्न यह है की इतने महत्वपूर्ण विषय पर भी शारीरिक शिक्षा से जुड़े लोगो ने अपना ज्ञापन DSSSB में नहीं दिया.

प्रजातंत्र में भीड़ एक ताकत होती है, लेकिन अफ़सोस यह है की शारीरिक शिक्षा के हित में सोचने और करने वाले बहुत कम लोग है यही इस विषय की बदहाली का एक प्रमुख कारण है. यदि यहीं पर 13 की जगह 1300 ज्ञापन सरकार के पास जाते तो उन्हें इस विषय की ताकत का एहसास होता I सूत्र बताते है की दिल्ली सरकार इस विषय पर गंभीर है, यदि शारीरिक शिक्षा से जुड़े हुए सभी लोग दिल्ली सरकार के पास इस विषय पर अपनी बात रखते है तो शारीरिक शिक्षा विषय की भी भर्ती उम्र अन्य विषय के बराबर हो सकती है.

जैसा की हम सभी जानते है की अभी भर्तियों से सम्बंधित विषय माननीय न्यायालय के सामने विचारणीय है, तो यही सही वक़्त है की सभी लोग, संघठन मिल जुल कर अपनी बात दिल्ली सरकार तक रखे और शारीरिक शिक्षा विषय के साथ हो रहे अन्याय के लिए अपनी बात कहें, ऐसा ना हो की कल जब फिर से भर्ती के लिए विज्ञापन आयें तो हम लोग फिर से लड़ाई लड़ना शुरू करें, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होगी..

अपने अधिकारों के लिए लडें – दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग को लिखें की शारीरिक शिक्षा विषय के भर्ती नियम भी अन्य विषय के सामान किये जाएँ.

एक बात और अभी नहीं किया – तो फिर कभी नहीं होगा.....

जय हिन्द