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शारीरिक शिक्षा की बदहाली - जिम्मेदार कौन?

शारीरिक शिक्षा की बदहाली - जिम्मेदार कौन?

delhi government DSSSB education policy PEFI Physical Education

Posted on Oct 14, 2017 by Administrator

जैसा की हम सभी जानते है की दिल्ली सरकार के द्वारा दिनांक 7 अगस्त को TGT और PGT के  1000 से ज्यादा पदों का प्रकाशन किया गया था, जिसमे TGT और PGT दोनों ही पदों के लिए शारीरिक शिक्षा के शिक्षकों के लिए उम्र की सीमा 30 वर्ष निर्धारित की गयी थी, जबकि अन्य विषयों में TGT के लिए 32 साल और PGT के लिए 36 साल की आयु निर्धारित की गयी थी. शारीरिक शिक्षा के साथ हुए इस अन्याय के खिलाफ पूरे देश और दिल्ली एनसीआर के शारीरिक शिक्षा और खेलकूद से जुड़े हुए लोग एक साथ आये और उन्होंने इस अन्याय के खिलाफ आवाज...
Adventure Sports in Rural Revitalization

Adventure Sports in Rural Revitalization

Adventure sports IMF PEFI rural sports

Posted on Sep 20, 2017 by Administrator

  Introduction Nachchan Kudan Man Ka Chao, as said by the first Sikh Guru, Guru Nanak dev Ji, it is true eternally man has invented games primarily as a means to meet society with other to display skills and physical power and to entertain or offer excitement. Most of the games involve some form of running throwing, jumping, acrobatics all of which developed from basic hunting skills. History of rural traditional sports India has always been rich in culture...
NAMAZ is YOGA of ISLAM by Dr. Nisar Hussain

NAMAZ is YOGA of ISLAM by Dr. Nisar Hussain

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Posted on Sep 2, 2017 by Administrator

I am happy to share the story published in  India Unbound September 2017 on  NAMAZ is YOGA of ISLAM by Dr. Nisar Hussain - Secretary, PEFI Mumbai... साभार : INDIA UNBOUND - SEPTEMBER 2017 
मेजर ध्यानचंद - हॉकी का जादूगर

मेजर ध्यानचंद - हॉकी का जादूगर

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Posted on Aug 29, 2017 by Administrator

  किसी भी खिलाड़ी की महानता को मापने का सबसे बड़ा पैमाना है कि उसके साथ कितनी किंवदंतियां जुड़ी हैं। उस हिसाब से तो मेजर ध्यानचंद का कोई जवाब ही नहीं है। हॉलैंड में लोगों ने उनकी हॉकी स्टिक तुड़वा कर देखी कि कहीं उसमें चुम्बक तो नहीं लगा है। जापान के लोगों को अंदेशा था कि उन्होंने अपनी स्टिक में गोंद लगा रखी है। हो सकता है कि इनमें से कुछ बातें बढ़ा-चढ़ा कर कही गई हों लेकिन अपने जमाने में इस खिलाड़ी ने किस हद तक अपने हाकी कौशल का लोहा मनवाया होगा इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा...
अपनों के बीच दिल की बात..आभार मनोज भाई

अपनों के बीच दिल की बात..आभार मनोज भाई

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Posted on Aug 25, 2017 by Administrator

  आपकी तरक्की कइयों को जलाती होगी तो उससे सैकड़ों नहीं हजारों गुणा अधिक युवाओं को प्रेरित करती होगी। फिजीकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के दूसरे राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में आपका आना और सभी के दिलों पर छा जाना वर्षों तक शारीरिक शिक्षकों को याद रहेगा। फाउंडेशन से मेरा जुड़ाव इस नाते हैं कि इसके फाउंडेशन के सदस्यों में से मैं भी एक हूं। हालांकि मैं शारीरिक शिक्षा से नहीं आता हूं। लेकिन मेरा यह मानना है कि भले ही यह विषय कोई पढ़े या न पढ़े वह  गाहे-बगाहे इससे जुड़ा रहता है।...
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